सांकेतिक तस्वीर
महाराष्ट्र के नालासोपारा में शेयर बाजार में निवेश के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले एक कॉल सेंटर का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) की आवश्यक मंजूरी के बिना चल रहे इस कॉल सेंटर पर नालासोपारा पुलिस ने छापा मारकर 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। कॉल सेंटर के संचालक खुद को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) से पंजीकृत बताकर निवेशकों को मुनाफे का लालच देते थे। निवेश से होने वाले मुनाफे का 30 प्रतिशत हिस्सा वसूलते थे, जबकि नुकसान होने पर शिकायत करने वाले ग्राहकों के मोबाइल नंबर ब्लैकलिस्ट कर देते थे।
आरोपियों ने ‘फॉर इन्वेस्ट 2 गेन रिसर्च’ नाम से यह कारोबार शुरू किया था। वे बाहरी एजेंसियों से प्राप्त मोबाइल नंबरों के जरिए संभावित निवेशकों से संपर्क करते थे। पुलिस ने छापेमारी के दौरान 8.57 लाख रुपये मूल्य का सामान जब्त किया। गिरफ्तार किए गए 13 आरोपियों को रविवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। इस मामले में एक नाबालिग समेत कुल 15 लोगों के नाम शिकायत में दर्ज हैं।
यह मामला 23 अक्टूबर को सामने आया, जब नालासोपारा पुलिस स्टेशन की साइबर सेल में तैनात पुलिसकर्मी बाबाराव दत्ताहरी भुताले (28) को इस अवैध गतिविधि की जानकारी मिली। शीतल श्यामनारायण यादव (27) ने खुद को इस कॉल सेंटर का मैनेजर बताया।
पुलिस शिकायत के मुताबिक, कॉल करने वाले लोगों से कहते थे कि ‘फॉर इन्वेस्ट 2 गेन रिसर्च’ SEBI में पंजीकृत है। वे ग्राहकों को विभिन्न शेयरों में निवेश करने की सलाह भी देते थे।
शीतल यादव के अलावा शिकायत में दिनेश रामरूप यादव (35), रोहित श्यामनारायण यादव (26), अनुज सरोज पाल (19), ओम कमलेश उपाध्याय (21), कुशल जयकुमार गौड़ (19), सुंदरम सुरेश उपाध्याय (20), श्रीकांत नागनाथ कोरे (19), आश रमणागिना यादव (27), चंदन गोपी राउत (19), स्वरूप राजेंद्र जाधव (27), आनंद रामकिशुन मद्धेशिया (25), रोहित मोहन राम (19), श्यामजीत यादव और एक नाबालिग का नाम शामिल है। नाबालिग की पहचान उजागर नहीं की गई है।
इस मामले में नालासोपारा पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 316(5), 318(4), 336(3) और 61(2) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। ये धाराएं आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी, धोखाधड़ी के उद्देश्य से जालसाजी और आपराधिक साजिश से संबंधित हैं। इसके अलावा, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66D भी लगाई गई है, जो कंप्यूटर संसाधनों के जरिए किसी अन्य व्यक्ति का रूप धारण कर धोखाधड़ी करने से संबंधित है।
